भिलाई। 02जुलाई, 2026, (सीजी संदेश) : जिला दुर्ग के व्यवहार न्यायालय, भिलाई-3 का स्थापना दिवस आज न्यायिक गरिमा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग एवं व्यवहार न्यायालय, भिलाई-3 में पदस्थ न्यायाधीशगण एवं अधिवक्तागण एकत्रित हुए तथा न्यायालय की स्थापना से लेकर आज तक की विकास यात्रा को स्मरण करते हुए न्याय व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, सुलभ एवं जनोन्मुखी बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।
अपने स्थापना काल से ही व्यवहार न्यायालय, भिलाई-3 ने आम नागरिकों को त्वरित एवं सुलभ न्याय उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। न्यायालय ने दीवानी, आपराधिक, पारिवारिक एवं अन्य न्यायिक प्रकरणों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण के माध्यम से न्याय व्यवस्था में जनविश्वास को सुदृढ़ करने का उल्लेखनीय कार्य किया है। न्यायालय एवं अधिवक्ताओं के समन्वित प्रयासों से वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली, मध्यस्थता तथा लोक अदालतों के माध्यम से भी अनेक प्रकरणों का सौहार्दपूर्ण निराकरण संभव हुआ है।इस अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के० विनोद कुजूर ने अपने शुभकामना संदेश में अधिवक्ताओं की न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वे पक्षकारों के अधिकारों की रक्षा एवं उन्हें समयबद्ध, सुलभ एवं प्रभावी न्याय दिलाने के लिए सदैव समर्पित भाव से कार्य करते हैं। उन्होंने न्यायाधीशों एवं अधिवक्ताओं के मध्य आपसी समन्वय, विश्वास एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण को न्याय वितरण प्रणाली की सफलता का आधार बताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में भी इसी भावना के साथ न्यायहित एवं जनहित में कार्य होते रहेंगे। अंत में उन्होंने व्यवहार न्यायालय, भिलाई-3 के उज्ज्वल भविष्य एवं निरंतर प्रगति के लिए अपनी शुभकामनाएँ प्रेषित की। स्थापना दिवस के अवसर पर एक महत्वपूर्ण बैठक का भी आयोजन किया गया, जिसमें आगामी 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली विशेष अभियान के अंतर्गत परक्राम्य लिखत अधिनियम (चेक बाउंस) के प्रकरणों के अधिकाधिक निराकरण की रणनीति पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक में न्यायालयों एवं अधिवक्ताओं के समन्वित प्रयासों द्वारा अधिक से अधिक प्रकरणों के सौहार्दपूर्ण निराकरण हेतु आवश्यक कार्ययोजना पर चर्चा की गई।इसके साथ ही सर्वोच्च न्यायालय, भारत की अभिनव पहल “समाधान समारोह, 2026” के अंतर्गत दिनांक 21, 22 एवं 23 अगस्त को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत के लिए चिन्हित प्रकरणों के सफल एवं प्रभावी निराकरण हेतु भी विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में पक्षकारों को समझौते के लिए प्रेरित करने, लंबित मामलों में अधिकतम सहमति आधारित समाधान सुनिश्चित करने तथा न्यायालयों एवं अधिवक्ताओं के समन्वित प्रयासों को और सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया गया। इस अवसर पर उपस्थित न्यायाधीशगण एवं अधिवक्तागण ने विश्वास व्यक्त किया कि न्यायपालिका एव अधिवक्ता समुदाय के संयुक्त प्रयासों से अधिकाधिक प्रकरणों का आपसी सहमति से निराकरण होगा, जिससे न्यायालयों पर लंबित मामलों का भार कम होगा तथा आम नागरिकों को त्वरित, सरल एवं प्रभावी न्याय प्राप्त होगा। व्यवहार न्यायालय, भिलाई-3 का स्थापना दिवस न्यायपालिका एवं अधिवक्ता समुदाय की एकता, समर्पण एवं न्याय के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक बनकर उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर परिवार न्यायालय दुर्ग के प्रधान न्यायाधीश थाॅमस एक्का, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय दुर्ग के नवम जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश पंकज दीक्षित, द्वितीय व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी भगवान दास पनिका, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव उमेश कुमार भागवतकर, वरिष्ठ न्यायालय प्रबंधक सुश्री निधि दुआ तथा अधिवक्ता संघ व्यवहार न्यायालय, भिलाई-3 के संरक्षक गणेश शुक्ला, बी०आर० रंगारी, अध्यक्ष नेतराम देवांगन, उपाध्यक्ष मनोज मित्रा, सचिव अशोक राज तथा अन्य अधिवक्तागण उपस्थित रहे।




