दुर्ग। 13 जून, 2026, (सीजी संदेश) : जिला अस्पताल दुर्ग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रदेश कांग्रेस कमेटी छत्तीसगढ़ के सचिव अय्यूब खान ने जिला अस्पताल के एक चिकित्सक पर गंभीर लापरवाही और मरीज को गलत जानकारी देकर भयभीत करने का आरोप लगाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 5 जून की रात लगभग 11 बजे आलिया खान नामक छात्रा, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही है, तेज बुखार की शिकायत के कारण जिला अस्पताल दुर्ग लाई गई थी। आरोप है कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने बिना समुचित जांच के छात्रा के परिजनों को बताया कि उसकी किडनी और लीवर खराब हैं तथा उसका उपचार जिला अस्पताल में संभव नहीं है। चिकित्सक ने मरीज को रायपुर स्थित मेकाहारा अस्पताल रेफर करने की सलाह दी।
डॉक्टर की इस जानकारी से घबराए परिजन छात्रा को एक निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद पता चला कि उसे केवल सामान्य बुखार था। उपचार के बाद छात्रा पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट गई। इस घटना की जानकारी मिलने पर प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान पीड़ित परिवार के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और सिविल सर्जन डॉ. मिंज से मुलाकात कर पूरे मामले की शिकायत की। उन्होंने चिकित्सक के व्यवहार, गलत जानकारी देने तथा बिना पर्याप्त जांच के मरीज को रेफर करने के संबंध में लिखित शिकायत भी सौंपी।
अय्यूब खान ने बताया कि सिविल सर्जन ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच दो दिनों के भीतर कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि संबंधित चिकित्सक पर मरीज और परिजनों को गुमराह करने, दुर्व्यवहार करने तथा लापरवाही बरतने के आरोप में विभागीय जांच कर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि दोषी चिकित्सक के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो गरीब और आम मरीजों का सरकारी अस्पतालों से विश्वास उठ सकता है। जिला प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। सिविल सर्जन से मिलने गए प्रतिनिधिमंडल में मो. रफीक, अज्जू वाजिद, श्रीमती रुक्कैया, अनीस, अकील चौहान एवं अख्तर चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित थे।




