रायपुर। 30 मई, 2026, (सीजी संदेश) : थाना गंज क्षेत्र में दिनांक 28 मई की रात्रि लगभग 12:30 बजे एक युवक पर धारदार हथियार से हमला किए जाने की सूचना प्राप्त हुई। घायल युवक आशीष गरुड को गंभीर अवस्था में उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसके बाएं हाथ, बाएं पैर एवं सिर पर गंभीर चोटें पाई गईं। घटना के संबंध में प्रारंभिक जांच के आधार पर थाना गंज में हत्या के प्रयास का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। उपचार के दौरान घायल आशीष गरुड की स्थिति लगातार गंभीर बनी रही तथा बाद में मेकाहारा अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। मृत्यु उपरांत प्रकरण में उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों एवं अन्य तथ्यों के आधार पर अपराध में हत्या संबंधी धाराएं जोड़ी जाकर प्रकरण को हत्या के अपराध में परिवर्तित किया गया। घटना की जानकारी प्राप्त होते ही पुलिस टीम द्वारा मृतक के परिजनों एवं आसपास के व्यक्तियों से विस्तृत पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मृतक आशीष गरुड को अंतिम बार राज नायक के साथ देखा गया था। इस महत्वपूर्ण तथ्य के आधार पर पुलिस द्वारा राज नायक के संबंध में गहन तफ्तीश की गई। जांच के दौरान यह ज्ञात हुआ कि आरोपी राज नायक के विरुद्ध पूर्व में लूट, आर्म्स एक्ट, मारपीट एवं अन्य अपराधों के लगभग आधा दर्जन प्रकरण पंजीबद्ध हैं। साथ ही वह पूर्व में कई बार धारदार हथियारों के साथ पकड़ा जा चुका है। उसके आपराधिक इतिहास एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर उस पर संदेह और अधिक प्रबल हुआ। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना गंज पुलिस द्वारा एसीसीयू रायपुर क्राइम ब्रांच, थाना गुढ़ियारी एवं रामनगर चौकी पुलिस की सहायता ली गई। संयुक्त टीम द्वारा घटना से संबंधित तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों का व्यापक संकलन किया गया। विवेचना के दौरान तेलघानी नाका, रेलवे स्टेशन तथा आसपास के क्षेत्रों में लगे दर्जनभर से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेजों का सिलसिलेवार विश्लेषण किया गया।
सीसीटीवी फुटेजों की जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया कि प्रारंभ से ही प्रकाश सोना उर्फ टेरा द्वारा पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से भ्रामक एवं विरोधाभासी बयान दिए जा रहे थे। जबकि घटना स्थल में आरोपियों की एंट्री एवं घटना के बाद वहां से निकलने संबंधी स्पष्ट सीसीटीवी साक्ष्य प्राप्त हुए। उपलब्ध तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर दोनों संदिग्धों से पुनः गहन पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपियों राज नायक एवं प्रकाश सोना उर्फ टेरा ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए घटना का पूरा घटनाक्रम बताया। आरोपियों ने बताया कि मृतक आशीष गरुड के साथ पुराने लेन-देन को लेकर विवाद चला आ रहा था। इसी विवाद के चलते घटना वाली रात आपसी कहासुनी एवं तात्कालिक झगड़ा हुआ, जिसके दौरान आरोपी राज नायक ने धारदार हथियार से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के पश्चात राज नायक, प्रकाश सोना के साथ साइकिल में बैठकर घटनास्थल से फरार हो गया। प्रकरण में आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार सहित महत्वपूर्ण भौतिक साक्ष्य जब्त किए गए हैं। साथ ही तकनीकी टीम द्वारा संकलित एवं विश्लेषित सीसीटीवी फुटेजों को विधिवत जब्त कर वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया गया है। वैज्ञानिक, तकनीकी एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की संलिप्तता प्रमाणित होने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। संयुक्त पुलिस टीम के सतत प्रयासों एवं तकनीकी जांच के परिणामस्वरूप गंभीर प्रकृति के इस हत्या प्रकरण का 24 घंटे के भीतर सफल खुलासा कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों के विरुद्ध अग्रिम वैधानिक कार्यवाही करते हुए उन्हें सक्षम न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। प्रकरण की विवेचना जारी है तथा अन्य आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।
सराहनीय भूमिका
प्रकरण के त्वरित खुलासे में एसीसीयू रायपुर क्राइम ब्रांच की टीम का उल्लेखनीय योगदान रहा। इसके अतिरिक्त थाना गंज, थाना गुढ़ियारी एवं रामनगर चौकी की संयुक्त पुलिस टीम द्वारा निरंतर एवं समन्वित प्रयास किए गए, जिसके परिणामस्वरूप गंभीर प्रकृति के इस हत्या प्रकरण का शीघ्र खुलासा संभव हो सका।




