भिलाई। 30 अप्रैल, 2026, (सीजी संदेश) : नौकरी लगाने के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र बनाकर लाखों की ठगी करने वाले आरोपी को भिलाई नगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं बीएसपी में नौकरी दिलाने का झांसा देकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर 04 पीड़ितों से कुल 16,15,000 रुपये लेकर फर्जी जॉइनिंग लेटर जारी कर छलपूर्वक ठगी की। मामला भिलाई नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत हुडको का है। आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी एवं कूटरचना संबंधी गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्यवाही की गई और न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमाण्ड पर भेजा गया है।
दिनांक 28 अप्रैल को प्रार्थिया उपासना देशमुख निवासी तितुरडीह द्वारा थाना भिलाई नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर उर्फ आदी द्वारा शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग एवं बीएसपी में नौकरी लगवाने का झांसा देकर विभिन्न समय में फर्जी नियुक्ति पत्र एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर प्रार्थिया एवं अन्य व्यक्तियों से कुल 16,15,000 रुपये की धोखाधड़ी की गई।
प्रकरण में धारा 420, 467, 468, 471 भादवि के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान आरोपी सातुम सेम्युल गुज्जर उर्फ आदी, उम्र 34 वर्ष, निवासी एमआईजी 01/84 हुडको भिलाई को चिन्हांकित कर को विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपी द्वारा फर्जी जॉइनिंग लेटर एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर छलपूर्वक धन अर्जित करना पाया गया। आरोपी को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर रिमाण्ड पर भेजा गया है। उक्त कार्यवाही में थाना भिलाई नगर पुलिस टीम के अधिकारी एवं स्टाफ की त्वरित विवेचना, तकनीकी विश्लेषण एवं प्रभावी कार्रवाई की सराहनीय भूमिका रही।
▪️घटना का कारण :
नौकरी लगाने के नाम पर छलपूर्वक धन अर्जित करने के उद्देश्य से कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी करना।
▪️घटनास्थल :
इंडियन कॉफी हाउस सेक्टर-09 भिलाई, हुडको भिलाई, रायपुर मंत्रालय सहित अन्य स्थान।
▪️आरोपी का नाम :
1. सातुम सेम्युल गुज्जर उर्फ आदी, उम्र 34 वर्ष, निवासी एमआईजी 01/84 हुडको भिलाई।
▪️जप्त सामग्री :
1. फर्जी नियुक्ति पत्र एवं कूटरचित दस्तावेज।
2. प्रकरण से संबंधित दस्तावेजी साक्ष्य।
3. इलेक्ट्रॉनिक एवं अन्य साक्ष्य जब्त।
▪️दुर्ग पुलिस की अपील :
दुर्ग पुलिस आमजन से अपील करती है कि नौकरी लगाने के नाम पर किसी भी व्यक्ति को धनराशि न दें तथा नियुक्ति संबंधी जानकारी केवल अधिकृत शासकीय माध्यमों से ही प्राप्त करें। फर्जीवाड़ा एवं धोखाधड़ी संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को दें। ऐसे मामलों में दोषियों के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।



