भिलाई। 27 मार्च, 2026, (सीजी संदेश) : श्रीराम जन्मोत्सव समिति भिलाई द्वारा आयोजित श्रीरामनवमी के भव्य 41वें वर्ष के आयोजन में आज पूरी इस्पातनगरी भगवामय हो गयी। चारों दिशाओं से हजारों की संख्या में भगवा ध्वज और जय श्रीराम के नारों के साथ उत्साह से ओतप्रोत रामभक्त श्रीरामलीला मैदान पावर हाउस पहुंचे। कार्यक्रम में हजारों श्रद्धालुओं ने जनसहयोग से बने महाप्रसाद को ग्रहण किया, वहीं लेजर लाईट शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा आकर्षक स्वचलित झांकियों का भी आनंद लिया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता बाल योगेश्वर राम बालक दास महात्यागी श्री पाटेश्वर धाम जिला बालोद छत्तीसगढ़ ने विशाल धर्मसभा को संबोधित किया। अतिथि के रूप में उपस्थित केबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पाण्डेय, वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी, भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस, छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

प्रभु श्रीराम के तैलचित्र पर दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम की शुरूआत की गई, तत्पश्चात हजारों की संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इस दौरान विभिन्न प्रखण्डों से आने वाली झांकियां एवं शोभायात्राएं सभास्थल पर पहुंची। सभास्थल पर रामभक्तों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम का आय़ोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रामभक्त सम्मिलित हुए। वहीं भिलाई के प्रत्येक घर से संग्रहित अन्न से बने महाप्रसाद को ग्रहण करने हजारों की संख्या में श्रद्धालु सभास्थल पर पहुंचे। जनसहयोग से बने प्रभु के जन्मोत्सव के इस महाप्रसाद भिलाईवासियों ने ग्रहण किया।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित बाल योगेश्वर राम बालक दास महात्यागी पाटेश्वर धाम ने विशाल धर्मसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज यह आयोजन अपने 41वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस मंच ने समस्त हिंदू समाज को जोड़कर आगे ले जाने का कार्य किया है। यहाँ पर उपस्थित हमारे सभी वरिष्ठजन – धार्मिक, सामाजिक, राजनीतिक और मीडिया क्षेत्र से जुड़े विशिष्टजन, आत्मशक्ति और मातृशक्ति – सभी ने अपनी उपस्थिति से इस कार्यक्रम को भव्य बनाया। आज का दिन केवल भगवान श्रीराम को स्मरण करने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों और संकल्पों को याद करने का दिन है। भगवान राम ने अपने जीवन में राष्ट्र को सर्वोपरि रखा। उन्होंने कहा था – पहले मेरा राष्ट्र, उसके बाद मेरा धर्म, फिर मेरा परिवार और राज्य। इसी राष्ट्रभक्ति के कारण उन्होंने 14 वर्षों का वनवास स्वीकार किया और समाज के पिछड़े वर्गों को जोड़कर युवराज राम से राजा राम और मर्यादा पुरुषोत्तम राम बने।
बाबा बालकदास ने कहा कि रामनवमी का यह पर्व हमें यही संदेश देता है कि केवल रावण का पुतला जलाने से परिवर्तन नहीं होगा, बल्कि हमें अपने भीतर की बुराइयों को दूर कर राम के आदर्शों को स्थापित करना होगा। समिति के वरिष्ठजन, प्रेमप्रकाश पांडे, युवा नेतृत्व मनीष पांडे और बुद्धन ठाकुर की टीम ने इस परंपरा को आगे बढ़ाने में निरंतर योगदान दिया है। यह आयोजन समाज को एकजुट करने और भगवान राम की मर्यादा व राष्ट्रभक्ति को नमन करने का अवसर है।
कार्यक्रम के अतिथि केबिनेट मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि यह केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और परंपरा का जीवंत प्रतीक है। 41 वर्षों से निरंतर चल रही इस यात्रा ने हमें यह सिखाया है कि जब समाज एकजुट होता है, तो हर कठिनाई आसान हो जाती है। श्रीराम जन्मोत्सव समिति ने हमेशा यह प्रयास किया है कि हर घर में राम नाम गूंजे और हर दिल में भक्ति का दीपक जलता रहे। इस आयोजन की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें हर वर्ग, हर समाज और हर आयु के लोग अपनी भूमिका निभाते हैं। कोई झंडा लेकर यात्रा करता है, कोई उपवास रखकर भक्ति दिखाता है, तो कोई महाप्रसाद और भंडारे में सेवा करता है। यही विविधता हमारी शक्ति है।
राम जी का जीवन हमें यह सिखाता है कि आदर्श केवल कहने के लिए नहीं, बल्कि जीने के लिए होते हैं। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और परिवार को संतुलित करके दिखाया कि मर्यादा ही जीवन का सबसे बड़ा आधार है। आज का यह आयोजन हमें यह संकल्प दिलाता है कि हम अपने भीतर की अच्छाई को बढ़ाएँ, बुराई को दूर करें और समाज को जोड़ने का कार्य निरंतर करते रहें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समिति के संरक्षक प्रेमप्रकाश पाण्डेय ने कहा कि आज यह आयोजन अपने 41वें वर्ष में प्रवेश कर चुका है और इस लंबे सफर में हजारों कार्यकर्ताओं, वरिष्ठजनों और श्रद्धालुओं का योगदान रहा है। शुरुआत में जब समिति का गठन हुआ था, तब किसी को यह विश्वास नहीं था कि यह आयोजन इतने वर्षों तक निरंतर चलता रहेगा। लेकिन चार दशकों से अधिक समय तक हर वर्ग, हर समाज और हर परिवार ने इसमें अपनी भागीदारी निभाई है। धीरे-धीरे घर-घर से लोग जुड़ते गए और आज यह आयोजन भिलाई नगर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश में एकता और संस्कृति का प्रतीक बन गया है। 1986 में जब इस विचार को लेकर शुरुआत हुई थी, तब कोई राजनीतिक या सामाजिक समर्थन नहीं था। लेकिन जैसे-जैसे भगवान राम के नाम का प्रचार बढ़ता गया, वैसे-वैसे समाज में राम विचार की स्थापना भी मजबूत होती गई। भिलाई, जिसे लघु भारत कहा जाता है, विभिन्न विचारों और संस्कृतियों का संगम है। यहाँ के श्रमिकों और आम लोगों के सहयोग से यह आयोजन निरंतर बढ़ता गया और आज यह एक अद्भुत सांस्कृतिक धरोहर बन चुका है।
श्री पाण्डेय ने कहा कि कई लोगों को लगता था कि राम जन्मोत्सव का उद्देश्य केवल राम मंदिर निर्माण तक सीमित है। लेकिन समिति ने स्पष्ट किया कि इसका लक्ष्य सनातन एकता को मजबूत करना और घर-घर में राम नाम का संकल्प जगाना है। पिछले चार वर्षों से समिति ने लाखों परिवारों तक पहुँचने का प्रयास किया है। महाप्रसाद और भंडारे के माध्यम से हर वर्ग, हर जाति और हर समाज के लोग इस आयोजन से जुड़े हैं। यही इसकी सबसे बड़ी सफलता है। आज हजारों लोग नंगे पाँव झंडा लेकर यात्रा करते हैं, उपवास रखते हैं और अपने मोहल्लों से लेकर नगर तक इस आयोजन में भाग लेते हैं। यह केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कृति को जीवित रखने का अद्भुत कार्य है। राम का नाम तोड़ने का नहीं, जोड़ने का है। यही हमारी संस्कृति है और यही इस आयोजन का उद्देश्य है।
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ पत्रकार डॉ. हिमांशु द्विवेदी ने कहा कि उनके जीवन का बड़ा सौभाग्य है कि उन्हें प्रेमप्रकाश जी जैसे विद्वान की मित्रता प्राप्त हुई और उसी मित्रता के चलते प्रतिवर्ष श्रीरामनवमी के इस भव्य कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलता है। डॉ. द्विवेदी ने बताया कि प्रेमप्रकाश जी पहले ही उन्हें याद दिला देते हैं और वे समय पर भिलाई पहुँच जाते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम भारतीय संस्कृति में केवल भगवान के रूप में पूजनीय नहीं हैं, बल्कि उनके जीवन का आदर्श इतना उत्कृष्ट है कि मानव जाति के लिए प्रेरणा बन गया है। श्रीराम का जीवन यह प्रमाण है कि एक मनुष्य भी अपने आचरण, मित्रता और आदर्शों से समाज को दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि श्रीराम का चरित्र केवल भारतीय संस्कृति तक सीमित नहीं है, बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए अद्वितीय उदाहरण है। राम का जीवन मित्रता, त्याग और धर्मपालन की मिसाल है। उन्होंने उल्लेख किया गया कि यदि हम श्रीराम के आदर्शों को अपने जीवन में उतार लें तो हमारा जीवन भी उत्कृष्ट बन सकता है।
स्वागत भाषण देते हुए समिति के युवा विंग अध्यक्ष मनीष पांडे ने कहा कि श्रीराम जन्मोत्सव समिति का उद्देश्य केवल राम मंदिर निर्माण तक सीमित नहीं है। अब इसका लक्ष्य सनातन एकता को मजबूत करना और घर-घर में राम नाम का संकल्प जगाना है। इसी विचार के साथ समिति ने 1 फरवरी से 1,00,000 परिवारों तक पहुँचने का संकल्प लिया था, ताकि हर घर में राम नाम गूंजे और हर परिवार इस महाप्रसाद और भंडारे में सम्मिलित हो। यह आयोजन केवल उत्सव नहीं, बल्कि संकल्प का मंच है। संकल्प यह कि हम सब मिलकर राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और समाज को एकजुट करें। राम जन्मोत्सव समिति ने चार दशकों से अधिक समय तक इस परंपरा को जीवित रखा है और आज भी युवा नेतृत्व और वरिष्ठजनों के मार्गदर्शन से यह आयोजन समाज को दिशा दे रहा है। मैं सभी उपस्थित जनों का स्वागत करता हूँ और अभिनंदन करता हूँ।
छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती वर्णिका शर्मा ने कहा किआज भिलाई नगरी में जय श्रीराम का स्वर गूंजना चाहिए और यह नारा प्रदेश के हर कोने तक पहुँचना चाहिए। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे पूरे उत्साह और आस्था के साथ जय श्रीराम का उद्घोष करें। श्रीमती शर्मा ने कहा कि आयोजन में शामिल हर व्यक्ति प्रभु श्रीराम की कृपा से एकजुट हुआ है। कार्यक्रम में यह संदेश दिया कि प्रभु श्रीराम की कृपा से भिलाई नगर सदैव धर्म, संस्कृति और एकता की नगरी बना रहे।
भाजयुमो प्रदेश प्रभारी आलोक डंगस ने कहा कि प्रभु श्रीराम केवल भगवान के रूप में पूजनीय नहीं हैं, बल्कि उनके जीवन की मर्यादा और आदर्श मानवता के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि चाहे वनवासी रूप में हों या माता सीता के साथ, श्रीराम ने हर परिस्थिति में धर्म और मर्यादा का पालन किया। गुरु स्वयं भगवान नारायण थे और उन्होंने आने वाली पीढ़ियों को यह संदेश दिया कि कठिनाइयों में भी सहयोग कैसे बनाए रखा जाए और अपनी मर्यादा में रहकर कार्य कैसे किया जाए।श्री डंगस ने कहा कि क्या हम आज वास्तव में भगवान राम के आदर्शों को अपने जीवन में उतार रहे हैं। वक्ताओं ने आग्रह किया कि रामनवमी के इस शुभ दिन पर हम सभी उनके आदर्शों पर विचार करें और उन्हें अपने जीवन में अपनाएँ।
कार्यक्रम में कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. सलीम राज, भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अनामिका सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष पुरूषोत्तम देवांगन, भोजराज सिन्हा, शिक्षाविद आईपी मिश्रा, समाजसेवी इंद्रजीत सिंह सहित समिति के प्रांतीय अध्यक्ष रमेश माने, प्रांतीय महामंत्री बुद्धन ठाकुर, कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण पाण्डेय, जिलाध्यक्ष मदन सेन, महिला शाखा अध्यक्ष श्रीमती शीला बाघमार, महामंत्री मेघा कौर, गीतांजलि कौशिक सहित समिति के जिला पदाधिकारी, प्रखण्ड पदाधिकारी एवं कार्यकर्तागण उपस्थित थे।
हजारों भक्तों ने ग्रहण किया महाप्रसाद
श्रीराम जन्मोत्सव समिति द्वारा आयोजित श्रीरामनवमी उत्सव में एक मुट्ठी दान,श्रीराम के नाम अभियान में भिलाईवासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। लोगों के घर-घर जाकर समिति के सदस्यों ने अनाज संग्रहण किया जिससे बने महाप्रसाद को प्राप्त करने आज हजारों रामभक्तों, श्रद्धालुओं और आमजनों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। समिति के अंतर्गत सभी प्रखण्डों से श्रीरामनवमी के लिए भव्य आकर्षक स्वचलित झांकियां निकाली गई।
झांकियों को किया पुरस्कृत
श्रीरामनवमी के अवसर पर समिति द्वारा विभिन्न प्रखण्डों से आई झांकियों को पुरस्कृत किया गया, जिसमें वार्ड 42 शिवालय धाम को प्रथम पुरस्कार, न्यू खुर्सीपार वार्ड 47 को द्वितीय एवं सुपेला प्रखण्ड को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही 20 सांत्वना पुस्कार भी प्रदान किये गये।



