भिलाई।19 जनवरी, 2026, (सीजी संदेश) : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय द्वारा सेक्टर 7 स्थित पीस ऑडिटोरियम में संस्था के साकार संस्थापक पिताश्री ब्रह्मा बाबा की 57 वीं पुण्य स्मृति दिवस मनाया गया। भिलाई सेवा केंद्रो की निदेशिका ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने पिताश्री ब्रह्मा बाबा की मुख्य शिक्षाओं को सुनाते हुए कहा कि
सर्व के प्रति निस्वार्थ आत्मिक दृष्टि और कल्याण की भावना रहे। अपकारियों पर उपकार करना है तो संगठन में भी एक दूसरे के प्रति रहम की भावना रहे। ब्रह्मा बाबा कहते थे व्यर्थ संकल्पों की समाप्ति के लिए, अपने संगठन को शक्तिशाली व एकमत बनाने के विश्वास, समाने की शक्ति चाहिए। संगठन को जोड़ने का धागा है विश्वास (फेथ)। इसमें समाने की शक्ति ज्यादा चाहिए। व्यर्थ संकल्पों को समाना है।
निराकारी, निर अहंकारी, निर्विकारी पिताश्री ब्रह्मा बाबा के अंतिम महावाक्य थे, वे उन महावाक्यों के स्वरूप में स्थित रहकर अपने हर कर्म से सभी को शिक्षा देकर सिखलाते थे। आज के वरदानी दिवस में सबसे बड़ा पुण्य परमात्मा को याद कर स्वयं को परिवर्तन करना है।
प्रातःकाल ब्रह्म मूहर्त से ही सभी श्वेत वस्त्रधारी ब्रह्मा वत्सो ने मौन में रहकर मेडिटेशन रूम (बाबा का कमरा) शांति स्तंभ, पीस ऑडिटोरियम में संगठित रूप से राजयोग मेडिटेशन द्वारा पिताश्री ब्रह्मा बाबा की शिक्षाओं को जीवन में धारण कर स्वयं में परिवर्तन का दृढ़ संकल्प किया। ज्ञात हो की पिताश्री ब्रह्मा बाबा की 57वीं स्मृति दिवस को भिलाई, दुर्ग छत्तीसगढ़ सहित समूचे विश्व के सभी सेवाकेंद्रो में मनाया गया |



