दुर्ग, 13 जनवरी 2026/ जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने छत्तीसगढ़ राज्य सुरक्षा अधिनियम 1990 की धारा 5 (ख) के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त डॉ. दुष्यंत खोसला को एक वर्ष की अवधि तक जिले एवं इसके सीमावर्ती जिलों की सीमाओं से बाहर रहने का आदेश दिया है। जिला दण्डाधिकारी श्री सिंह ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग के प्रतिवेदन पर अनावेदक के आपराधिक आचरण एवं प्रवृत्ति पर नियंत्रण करने तथा आम जनता में शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु 08 जनवरी 2026 को यह आदेशित किया है। आदेश के अनुसार, अनावेदक डॉ. दुष्यंत खोसला (पिता हरजिंदर खोसला), निवासी वार्ड नं. 01, अहिवारा, थाना नंदिनी नगर, जिला दुर्ग को दुर्ग जिला सहित इसके पड़ोसी जिलों रायपुर, बेमेतरा, खैरागढ़-छुईखदान, राजनांदगांव, बालोद एवं धमतरी की सीमाओं से एक सप्ताह के भीतर बाहर जाना होगा। वह आगामी एक वर्ष की अवधि तक बिना अनुमति इन जिलों की सीमाओं में प्रवेश नहीं कर सकेगा। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन और आपराधिक चार्ट के अनुसार, डॉ. दुष्यंत खोसला (संचालक सांई क्लीनिक, अहिवारा) थाना नंदिनी नगर क्षेत्र का आदतन शिकायती और उपद्रवी व्यक्ति है। उसके विरुद्ध थाना नंदिनी नगर में गाली-गलौज, मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे कुल 05 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। जांच में पाया गया कि आरोपी द्वारा प्रतिष्ठित व्यक्तियों और अधिकारियों के विरुद्ध झूठी शिकायत कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। उसके आतंक के कारण आम जनता भयभीत रहती है और न्यायालय में गवाही देने से कतराती है। पूर्व में की गई प्रतिबंधात्मक कार्यवाहियों का आरोपी पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। मामले की गंभीरता और लोक व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए जिला दण्डाधिकारी ने उसे एकपक्षीय कार्यवाही करते हुए जिला बदर घोषित किया है।
पूर्व विधायक लाभचंद बाफना की बड़ी जीत: जिला दण्डाधिकारी ने डॉ. दुष्यंत खोसला को किया जिला बदर
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