भिलाई। 01 दिसंबर, 2025, (सीजी संदेश) : प्रदेश मे चल रहे एस आइ आर को देखते हुए रिटेंशन से संबंधित आदेश वापस लिए जाने का आग्रह आज डायरेक्टर पर्सनल सेल के के सिंह से भिलाई निवास मे मिल कर महापौर परिषद् के प्रभारी (राजस्व विभाग) एंव प्रदेश कांग्रेस के महामंत्री सीजू एंथोनी ने की। इस्पात कर्मचारियों के दर्द को महसूस करते एस आइ आर का हवाला देते हुए सीजू एंथोनी ने बताया कि ,भारत निर्वाचन आयोग द्वारा छग मे मतदाता सूची का गहन पुनरिक्षण का कार्य किया जा रहा है इसके लिए जिस स्थान पर मतदाता रहता है उसी स्थान या निवास से उसे गणना फार्म भरना अनिवार्य है। जिसके कारण बी एस पी के पूर्व कर्मचारी और हाल ही में सेवानिवृत्त कर्मचारी दहशत में हैं कि अगर उनको बी एस पी प्रबंधन के नये आदेश के अनुसार मकान छोड़ना पड़े तो उनका नाम मतदाता सूची मे कंहा से रहेगा क्योंकि आज वह गणना फार्म वृतमान मे बी एस पी के आवास से भर देता है क्योंकि उसका एंव उसके परिवार का नाम वर्षों से इसी निवास से है और कल को बी एस पी के आदेश अनुसार मकान छोडना ही पड़ेगा क्योंकि प्रबंधन ने ग्रैजूटी की राशि और अवकाश नगदिकरण रोक कर रखा है इतना नुक्सान तो सेवानिवृत कर्मचारी सहन नही कर सकता है तो इस परिस्थिति मे वह मतदाता सूची मे अपना नाम जुड़वाने से वंचित हो जाएगा। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी एस आइ आर की गंभीरता को देखते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र प्रबंधन को हाल ही मे रिटेंशन स्कीम को लेकर जो नवीन आदेश जारी किया गया है उसे मानवीय आधार पर रद्द किया जाना चाहिए, सीजू एंथोनी ने बताया की नवीन आदेश मे कर्मचारी और अधिकारी दोनो के लिए जो दर लगाईं गई है वह भी एक समान है जब की हाउस एलाटमेंट मे हमेशा से प्रबंधन कर्मचारी और अधिकारी मे भेद करते आया है यंहा तक कि सेक्टर-9 मे कर्मचारी स्तर का कोई भी आवास नही है फिर दर क्यों एक जैसी रखी गई है इसका मतलब की सेक्टर-9 की दर भी वही होगी जो खुरसिपार की होगी यह घोर विसंगति है,इसके अलावा और भी पहलू है जो कंही से भी पूर्व कर्मचारी और हाल ही में सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों के हित मे नही है जैसा की सभी को ज्ञात होगा की छग शासन ने इसी माह जमीन की गाइड लाइन दरे बढ़ा दी है जिसे लेकर समूचे प्रदेश में आंदोलन चल रहा है और ज़मीन के साथ साथ रजिस्ट्री भी काफ़ी मंहगी हो चुकी है अगर बी एस पी के रिटेंशन के आदेश की दहशत मे सेवानिवृत्त कर्मी आपा धापी मे कोई मकान खरीदता है तो उसके लाखो रूपए खर्च हो जाएंगे या कहिये की वह वर्तमान स्थिति मे लूट जाएगा इसलिए मानवीय आधार पर अपने सेवानिवृत्त कर्मचारियों पर रहम करते हुए प्रबंधन को रिटेंशन का आदेश वापस लेना चाहिए वैसे भी बी एस पी हजारों कर्मचारियों का पालनहार है और प्रबंधन को गरैजयूटी और अवकाश नगदिकरण रोकने जैसा अमानवीय कृत्य करने से बचना चाहिए। इस अवसर पर जिला कांग्रेस के प्रवक्ता जावेद खान भी मौजूद थे।



