भिलाई। 03 जनवरी, 2026, (सीजी संदेश) : अखिल भारतीय एससी एसटी ओबीसी संयुक्त मोर्चा छ.ग. द्वारा भारत की प्रथम शिक्षिका माता सावित्रीबाई फूले की 195वीं जयंती मनवा कुर्मी भवन शंकर नगर दुर्ग मे अनिल मेश्राम राष्ट्रीय सचिव के मुख्य आतिथ्य व कौशल वर्मा प्रदेश अध्यक्ष की अध्यक्षता मे हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। सर्वप्रथम माता सावित्रीबाई फूले के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्ज्वलित किये गये। जयंती समारोह को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा महिला प्रकोष्ठ की दुर्ग जिला अध्यक्ष सविता वर्मा ने कहा कि माता सावित्रीबाई फूले अदम्य साहस धैर्य और त्याग की प्रतिमूर्ति थी उन्होने महिलाओ के शैक्षणिक विकास के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया। उपाध्यक्ष नलिनी बंछोर ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र मे अलख जगाकर सावित्रीबाई फूले ने महिलाओ को शिक्षित कर सशक्त बनाया। लक्ष्मीनारायण कुंभकार ने कहा कि हमारे महापुरुषो के इतिहास के सच को यदि ना बोला गया तो झूठे पाखंडियो का बोलबाला बढ़ जायेगा। डी.एल. वर्मा ने कहा कि वे डिप्टी कलेक्टर जैसे प्रशासनिक ओहदे पर रहते हुए भी 1980 मे जातिवाद और छुआछूत का शिकार हुए थे तो माता सावित्रीबाई फूले द्वारा 1845 से 1890 तक महिला होकर भी शिक्षा को बढ़ाने जो संघर्ष किया वह कल्पना से परे और अतुलनीय कार्य है। संयुक्त मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष कौशल वर्मा ने कहा कि पिछड़े वर्ग मे जन्मे ज्योतिबा फूले और माता सावित्रीबाई फूले को आदर्श बनाकर दलित समाज आगे बढ़ गया लेकिन अज्ञानता के कारण पिछड़ा वर्ग सचमुच पिछड़ा ही रह गया। इस बात पर हमे चिंतन कर अपने संतो महापुरुषो का इतिहास पढ़कर जागरूक होना होगा। राष्ट्रीय सचिव अनिल मेश्राम ने कहा कि पिछड़ा वर्ग की महिलाओ को माता सावित्रीबाई फूले के महान त्याग असीम धैर्य और अदम्य साहस को अपने भीतर आत्मसात कर आगे बढ़ना होगा तभी एससी एसटी ओबीसी को एकजुट देखने का डा.बाबासाहेब भीमराव आम्बेडकर का सपना साकार होगा। उपाध्यक्ष मुकुंद बंसोड, कोषाध्यक्ष अरुण बघेल, पवन दिल्लीवार, राकेश बोबांरडे, लक्ष्मीनारायण कुंभकार सहित अन्य वक्ताओ ने कहा कि माता सावित्रीबाई फूले का जन्म 3 जनवरी 1831 को सातारा महाराष्ट्र मे तथा देहावसान 10 मार्च 1897 को पूणे महाराष्ट्र मे हुआ था। उनका पूरा जीवन पिछड़ो दलितो और वंचित वर्गो को शिक्षित करने मे ही बीता, उनका जीवन दर्शन हमे शिक्षित होकर संवैधानिक तरीके से संगठित मार्ग पर चलने को प्रेरित करता है। जयंती समारोह मे अनिल मेश्राम, कौशल वर्मा, मुकुंद बंसोड, सविता वर्मा, डी.रजनी, हेमलता साहू, नलिनी बंछोर, उषा ठाकुर, पूर्णिमा टंडन, ऊषा मंडावी, डी.एल. वर्मा, अरूण बघेल, राकेश बोबांरडे, लक्ष्मीनारायण कुंभकार, अशोक मडामे, पवन दिल्लीवार, सुनीत यादव, तेजबहादुर बंछोर, रोशन वर्मा, अशोक साहू, धरमपाल वर्मा, भरत सेलारे, एस.आर.मंडावी सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन पवन दिल्लीवार संगठन सचिव व आभार प्रदर्शन अरूण बघेल कोषाध्यक्ष ने किया।



