दुर्ग। 25 जनवरी, 2026, (सीजी संदेश) : दुर्ग पुलिस ने विशेष पहल के जरिए विवेचकों एवं अधिकारियों को विधिक एवं तकनीकी प्रशिक्षण दिया है। एसएसपी दुर्ग की पहल पर NDPS एक्ट एवं ई-साक्ष्य विवेचना में तकनीकी त्रुटियों को दूर करने हेतु जिले के 60 विवेचकों/अधिकारियों प्रशिक्षण दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आज 25 जनवरी को दधीचि प्रशिक्षण हॉल, पुरानी पुलिस लाईन, दुर्ग में जिले के विवेचकों हेतु एक महत्वपूर्ण प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के विभिन्न थानों से लगभग 60 पुलिस अधिकारी एवं विवेचक सम्मिलित हुए। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य NDPS एक्ट एवं ई-साक्ष्य (Electronic Evidence) से संबंधित विवेचना में होने वाली लिपिकीय, प्रक्रियात्मक एवं तकनीकी त्रुटियों को न्यूनतम/शून्य करना रहा, ताकि अपराधी किसी भी प्रकार की कानूनी खामी का लाभ न उठा सकें।
प्रशिक्षण के प्रमुख बिंदु
NDPS एक्ट
• धारा 42, 50, 52-A, 55 एवं 57 का अनिवार्य एवं कड़ाई से पालन
• मादक पदार्थों से जुड़े प्रकरणों में प्रक्रिया की शुद्धता पर विशेष बल
• **धारा 29 के अंतर्गत सहयोगी आरोपियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई
साक्ष्य प्रबंधन एवं FSL प्रक्रिया
• जब्त सैंपल को शीघ्र FSL भेजना
• साक्ष्य की Chain of Custody को हर स्तर पर सुरक्षित रखना
दस्तावेजीकरण एवं विवेचना गुणवत्ता
• जब्ती पत्रक एवं पंचनामा घटनास्थल पर स्पष्ट एवं त्रुटिरहित तैयार करना
• दस्तावेजों में ओवरराइटिंग से पूर्णतः बचाव
• आगजनी/दुर्घटना मामलों में संपत्ति का सटीक विवरण
• मर्ग जांच को विधिसम्मत एवं समयबद्ध रूप से पूर्ण करना
ई-साक्ष्य (Electronic Evidence)
• डिजिटल साक्ष्यों के संकलन, संरक्षण एवं प्रस्तुतीकरण की विधिक प्रक्रिया
• ई-साक्ष्य ऐप/पोर्टल के माध्यम से डिजिटल एविडेंस की विश्वसनीयता एवं स्वीकार्यता सुनिश्चित करना
प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को यह स्पष्ट निर्देश दिए गए कि विवेचना की गुणवत्ता ही न्यायालय में सशक्त अभियोजन की आधारशिला है। छोटी-सी प्रक्रियात्मक त्रुटि भी गंभीर मामलों में अभियोजन को कमजोर कर सकती है, अतः प्रत्येक विवेचक को कानून एवं तकनीक दोनों में दक्ष होना आवश्यक है।
दुर्ग पुलिस द्वारा आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम **आधुनिक, तकनीकी एवं त्रुटिरहित पुलिसिंग** की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे न्यायिक प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी और जनता का पुलिस पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।



